क्या 12th के बाद पढ़ाई छोड़ देनी चाहिए। मोदी से होगी इस विषय पर बात - allfacts.in

क्या 12th के बाद पढ़ाई छोड़ देनी चाहिए। मोदी से होगी इस विषय पर बात


नमस्कार दोस्तो मेरा नाम सूर्य प्रकाश और मैं आपका स्वागत है हमारे इस website allfacts.in पर। दोस्तो क्या यह बात सच में कहना ठीक होगा की हमे 12th करने के बाद पढ़ाई छोड़ देनी चाहिए ? 
दोस्तो आजकल के इस महंगाई भरे जमाने में यह कहना ठीक होगा क्योंकि इस महंगाई के जमाने में एक आम व्यक्ति अपने बच्चे को 12th तक तो पढ़ा देता है लेकिन वह उसे आगे नहीं पढ़ा पाता और यह किसी एक घर की बात नहीं है लगभग हर घर की यही परेशानी है ।

क्या 12th के बाद पढ़ाई छोड़ देनी चाहिए। मोदी से होगी इस विषय पर बात

हां दोस्तो अब जैसा की आप सब जानते है  की मोदी जी हमारे देश के प्रधानमंत्री है  और उनसे हर कोई नही मिल सकता है जो इस बात को उनके सामने रखे और उनसे इस बात पर चर्चा करे लेकिन दोस्तो हमारे एक प्रिय मित्र को उनसे मिलने और अपनी बात रखने का यह सुनहरा मौका मिला है । तो चलिए बताते है की क्या  है पूरी बात की सच्चाई।।

दीपक कुमार को मिला मोदी से मिलने का मौका 

दीपक कुमार और उनके teachers 


दोस्तो  Government senior secondary school (boys) jawahar nagar Ludhiana Punjab के एक स्टूडेंट दीपक कुमार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से परीक्षा पे चर्चा 2023 के कार्यक्रम में रूबरू होने का मौका मिलेगा। और दोस्तो हम आपको बता दें की ऐसा पहली बार होगा की लुधियाने की किसी एक सरकारी स्कूल के एक स्टूडेंट को इस कार्यक्रम का हिस्सा बनने के लिए चुना गया है और यह अपने आप में ही एक बहुत बड़ी बात है । इसके साथ ही उन्होंने अपने स्कूल का भी नाम रोशन किया है। तो चलिए आपको बताते है पूरी कहानी की कैसे एक सरकारी स्कूल के बच्चे को मिला इस सुनहरा मौका ।।



दीपक कुमार को मिला मोदी से मिलने का मौका 

दीपक कुमार लुधियाना के गिआसपुरा इलाके के मक्कार कॉलोनी में रहते है । दीपक सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल के बारहवीं नॉन मेडिकल के छात्र हैं। दीपक कुमार ने परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्तर पर अपना एक सुझाव दिया और उन्हें सरकार की तरफ से अपनी बात रखने का एक मौका मिला गया अब वह 24 जनवरी को लुधियाना से दिल्ली के लिए रवाना होंगे।
 
उनके स्कूल के माननीय प्रिंसिपल कुलदीप सिंह ने यह बताया है कि उन्हें एससीईआरटी से एक फोन आया की उनके स्कूल के एक स्टूडेंट का इस कार्यक्रम के लिए चुनाव हुआ है । जो उनके लिए काफी गर्व की बात है 
उनकी एक अध्यापिका चेरी मित्तल यह बताया है की उन्होंने अपने स्टूडेंट्स को गाइड करने के मकसद से एक अपलोड किया था दीपक ने वह स्टेटस देखने के बाद उन्होंने अपने टीचर से गाइडेंस लेकर एक आर्टिकल लिखा जिसके बाद उनका यह आर्टिकल सरकार तक पहुंचा और उन्हें यह अवसर मिला । तो चलिए जानते है आखिर दीपक ने अपने उस आर्टिकल में ऐसा क्या लिखा था ।

आर्टिकल artical

दीपक ने यह बताया है या हम यूं कहे की जो उन्होंने अपने आसपास होता देखा है उन्होंने आर्टिकल में यह लिखा की बहुत से बच्चे ऐसे होते है जो 12th करने के बाद आगे पढ़ने की नही सोचते या किसी फाइनेंशियल दिक्कत के करके आगे पढ़ नही पाते है और काम करने की सोचने लगते है और कुछ अगर ग्रेजुएशन तक पहुंच जाते पर फिर वो अपनी ग्रेजुएशन को बीच में ही छोड़ देते हैं। कई स्टूडेंट्स तो बारहवीं करने के बाद विदेश का रुख ले लेते है । दीपक ने यह भी बताया की उनके खुद के बड़े भाई ने 12th में दाखिला लेने के बाद फीस ना होने के कारण से अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी थी बस उसी समय से यह बात दीपक के मन में थी की इस बात का मुद्दा उठाना है । लेकिन कैसे इसकी जानकारी नहीं थी ।

जब उनकी टीचर चेरी मित्तल ने आवेदन के बाद मिले सर्टिफिकेट का स्टेटस लगाया तो दीपक ने उनका स्टेटस देख के अपने टीचर के लिंक
से और उनकी गाइडेंस में एक 1500 वर्ड का एक आर्टिकल लिखा।


Scholarship बढ़ाने का दिया सुझाव

दीपक ने बताया की उसने 10 अक्टूबर को एक आर्टिकल लिखा था।
आर्टिकल की सीमा 1500  वर्ड क थी।


जिसे उन्होंने अनुभव किया था कि जैसे उनके भाई फिश ना होने कारण आगे अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर पाए अगर स्कॉलरशिप होती तो शायद ऐसा ना होता।

दीपक कुमार 








3 टिप्‍पणियां:


  1. 🏆👏Congratulations Deepak Bhai 🏆👏फर्क होता है खुदा और फ़कीर में
    फर्क होता है किस्मत और लकीर में
    अगर कुछ चाहो और ना मिले तो समझ लेना
    कि कुछ और अच्छा लिखा है तकदीर में

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