earthquake in delhi 2022

Surya prakash
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 earthquake in delhi Today 2022 ( दिल्ली में भूकंप) 




3 देशों में भूकंप के झटके, दिल्ली-यूपी समेत भारत के 7 राज्यों में कांपी धरती, नेपाल में 6 की मौत

भारत में दिल्ली, यूपी, बिहार, उत्तराखंड, दिल्ली, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कई शहरों में भूकंप के झटके महसूस किए गए. भूकंप का केंद्र नेपाल था. ऐसे में सबसे ज्यादा तबाही की खबरें नेपाल से ही सामने आ रही हैं. यहां के दोती में एक घर गिरने से 6 लोगों की मौत हो गई. हालांकि की कोई नुकसान होने की आशंका तो नही है ।

भारत, चीन और नेपाल में मंगलवार देर रात 1.57 बजे भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए. रिक्टर स्केल पर इनकी तीव्रता 6.3 तक मापी गई. भारत में दिल्ली, यूपी, बिहार, उत्तराखंड, दिल्ली, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कई शहरों में भूकंप के झटके महसूस किए गए. भूकंप का केंद्र नेपाल था. ऐसे में सबसे ज्यादा तबाही की खबरें नेपाल से ही सामने आ रही हैं. यहां के दोती में एक घर गिरने से 6 लोगों की मौत हो गई. उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में बुधवार सुबह 6.27 बजे फिर से भूकंप के झटके महसूस किए गए. इन झटकों की तीव्रता 4.3 थी. 



भारत में नेपाल सीमा से सटे उत्तराखंड के पिथौरागढ़ के पास सबसे तेज 6.3 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए. इसके साथ ही पूरे उत्तर भारत में भी भूकंप के जोरदार झटके महसूस किए गए. नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के मुताबिक, भूकंप का केंद्र पिथौरागढ़ से लगभग 90 किमी दूर नेपाल में था।

earthquake in delhi Today 2022 ( दिल्ली में भूकंप)

भारत में दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए. यहां तक कि लखनऊ में भी झटकों ने लोगों की नींद उड़ा दी. USGS  के मुताबिक, भूकंप का केंद्र नेपाल में दिपायल से 21 किमी दूर था. यहां मंगलवार देर शाम को भी दो बार भूकंप के झटके महसूस किए गए थे. उनकी तीव्रता 4.9 और 3.5 थी. इससे पहले उत्तराखंड में रविवार शाम को भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे।

earthquake in delhi Today 2022 ( दिल्ली में भूकंप)

नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने उत्तराखंड के पिथौरागढ़ से 90 किमी दक्षिण पूर्व नेपाल में भूकंप का केंद्र बताया। सनद रहे उत्तराखंड और उससे सटे नेपाल के हिमालयी क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से कम तीव्रता के भूकंप आ रहे हैं। भूकंप से किसी नुकसान की कोई सूचना नहीं है।

भूकंप की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि लोग जग गए। लोगों को एकदूसरे को फोन करते भी देखा गया। लोगों ने अपनी चारपाई अथवा बेड को हिलते हुए महसूस किया। भूकंप काफी देर तक रहा। भूकंप के बाद केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी ने ट्वीट कर कहा- ट्वीट नहीं करना चाहती लेकिन यह भूकंप जैसा महसूस हुआ। कांग्रेस नेता राधिका खेड़ा ने लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित रहने को कहा। रेडियो जॉकी रौनक ने कहा- यह डरावना था, बेहद डरावना।

इसी साल जून महीने में अफगानिस्तान में 6.1 तीव्रता का भूकंप आया था जिसमें सैकड़ों लोगों की मौत हो गई थी जबकि हजारों लोग घायल हो गए थे। वैज्ञानिकों की मानें तो धरती के भीतर प्लेटों के टकराने से भूकंप के झटके आते हैं। भूकंप के लिहाज से पूरे भारत को कई भूकंपीय जोनों में बांटा गया है। दिल्ली जोन-4 में रखा गया है। इसलिए यह भी भूकंप के लिहाज से संवेदनशील है। जोन 5 में आने वाले स्थानों को सबसे ज्यादा खतरनाक माना जाता है। पिछले साल केंद्र सरकार ने लोकसभा में एक सवाल के जवाब में बताया था कि अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के सभी शहर भूकंप के लिहाज से जोखिम वाली जगहों में शामिल हैं।

नेपाल में देर रात 6.3 तीव्रता का भूकंप:6 की मौत; दिल्ली-यूपी समेत 5 राज्यों में झटके

पड़ोसी देश नेपाल में मंगलवार देर रात 6.3 तीव्रता का भूकंप आया। झटके भारत के दिल्ली, यूपी समेत उत्तर भारत के 5 राज्यों में भी महसूस किए गए। लोग दहशत में घरों से बाहर निकल आए।


तारीखसमयतीव्रता
8 नवंबररात 8:524.9
8 नवंबररात 9:413.5
9 नवंबरदेर रात 1:576.3
9 नवंबरतड़के 3:153.6


भूकंप की आपबीती : गहरी नींद में थे तभी लगा कोई बेड हिला रहा, देखा आलमारी की चाबी हिल रही थी...


आधी रात को नेपाल से लेकर पूरा उत्तर भारत जोरदार भूकंप (Earthquake Today) के झटकों से सहम गया। तीव्रता 6.3 मापी गई है और केंद्र नेपाल में था, जो उत्तराखंड के पिथौरागढ़ से मात्र 90 किमी दूर है। नेपाल में जानमाल का काफी नुकसान हुआ है। धीरे-धीरे खबरें भी आने लगी हैं। मरने वालों की संख्या फिलहाल 6 बताई गई है और मकानों को काफी नुकसान पहुंचा है। इधर, दिल्ली-नोएडा में रहने वाले लोगों के लिए यह मंजर डरावना था। लोग घर से निकलकर सड़क पर भागने लगे थे। दरअसल, सुबह जल्दी उठना हो तो रात में जल्दी सोना भी पड़ता है। 2 बजे रात हम सभी गहरी नींद में थे तभी लगा जैसे कोई बेड हिला रहा है। फ्लैट कल्चर में आधी रात के बाद भला कौन आ सकता है? हड़बड़ाकर उठा और यह समझने में सेकेंड भर लगे कि यह तो भूकंप है। पंखा चल रहा था, आसपास देखने लगा जिससे यह पुख्ता किया जा सके कि धरती डोलने से बेड हिलने लगा था या कोई वहम था। 30 मंजिला बिल्डिंग है इसलिए झटका आसानी से महसूस हो जाता है। इतने में दाहिनी तरफ आलमारी में टंगी चाबी पर नजर पड़ी। दो चाबियों के गुच्छे में एक चाबी लगी थी और जो लटकी थी वो तेजी से हिल रही थी। बालकनी के सामने मैदान में कुत्ते भी बदहवास भौंक रहे थे।










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