श्री कृष्ण से जुड़ी 10 ऐसी रोचक बातें जो शायद ही आप जानते हो/ 10 amazing thing's about Shri Krishna

Surya prakash
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 कृष्ण Krishna..

श्री कृष्ण हिंदू धर्म के भगवान हैं यह विष्णु के आठवें अवतार हैं उन्हें वासुदेव के नाम से भी जाना जाता है। श्री कृष्ण का जन्म द्वापर युग में हुआ था कृष्ण वासुदेव और देवकी की आठवीं संतान थे कंस की बहन थी देव की जब कंस को आकाशवाणी से यह पता चला कि देवकी की आठवीं संतान ही उसका काल बनेगी तब उसने देवकी और वासुदेव को कारागार में डाल दिया।


मथुरा के कारागार में ही कृष्ण का जन्म हुआ था।  कंस के भय से वासुदेव जी ने रात में ही कृष्ण को यमुना पार करके गोकुल में यशोदा के यहां पहुंचा दिया था यशोदा और नंद जी ही कृष्ण के पालक माता-पिता थे। अपने बाल अवस्था में ही कृष्ण ने बहुत बड़े-बड़े काम किए थे जो किसी आम मनुष्य के लिए करना असंभव था । अपने बाल अवस्था में उन्होंने बहुत से राक्षसों का वध किया था । बाद में वह गोकुल छोड़कर नंद गांव आ गए थे, यहां पर भी उन्होंने कई लीलाएं रची थी। 

कृष्ण और राधा

कहते हैं कि धरती पर श्री कृष्ण का जन्म प्रेम का विस्तार करने के लिए हुआ था ऐसा भी माना जाता है कि जब श्री कृष्ण और श्री राधा जी अपने गोलोक में थे तब श्री कृष्ण जी का कोई भक्त श्री कृष्ण से मिलने आया था।  और उस वक्त तो उनका यह सोचना था कि पूरे संसार में श्रीकृष्ण उनसे ज्यादा प्यार करते हैं। वह उनका सबसे बड़ा भक्त है। 



लेकिन उससे यह नहीं पता कि श्री कृष्ण केवल राधा से ही बहुत ज्यादा प्रेम करते थे। इसी कारण जब वह श्री कृष्ण से मिलने आए तब उनके मुख से पहले राधा का नाम सुनकर वह अत्यंत क्रोधित हो उठे, और उन्होंने क्रोध  के वश में ही राधा जी को श्राप दिया था कि वह श्रीकृष्ण को भूल जाएंगी । और अपने जीवन के 100 वर्ष मृत्यु लोक  यानी धरती पर गुजारेंगी। अब हम आपको कृष्ण से जुड़ी कुछ ऐसी बातें बताएंगे जो आपने शायद ही सुनी होंगी ।


श्री कृष्ण से जुड़ी 10 बहुत ही अद्भुत और रोचक बातें / 10 Most amazing facts about Shri Krishna

#1. यह तो सभी जानते हैं कि श्री कृष्ण देवकी की आठवीं संतान थे और बाकी 6 संतानों को कंस ने मार दिया था और एक संतान एक देवी थी , लेकिन क्या आप यह जानते हैं कि श्री कृष्ण ने देवकी के छह मरे हुए पुत्रों को वापस बुलाया था और उनको उनके मरे हुए पुत्रों से मिलवाया था। वह छः पुत्र हिरण्यकशिपु के पोते थे, और एक श्राप में जी रहे थे।


#2. क्या आप जानते है श्री कृष्ण की कुल 16108 पत्नियां थीं। जिसमे से 8 उनकी रनिया थीं। और क्या आप जानते है उन 8 रानियों से कृष्ण को 80 बच्चे हुए थे। उसमे से श्री कृष्ण की पत्नी रुक्मणि को देवी लक्ष्मी का अवतार माना जाता है । सभी 8 रानियों से कृष्ण को 10 - 10 बच्चे थे।


#3. ऐसा कहा जाता है श्री कृष्ण 125 वर्ष तक जीवित रहे थे। और उनके इस अवतार का अंत एक बहेलिए के तीर से हुआ, ऐसा माना जाता है की वह बहेलिया पूर्व जन्म में राजा बलि थे। जिसको राम ने चुप कर मारा था । द्वापरयुग में जब श्री कृष्ण एक पेड़ पर बैठे थे तो उस बहेलिए ने उनके लटके हुए पैरों को चिड़िया समझ कर तीर चला दिया फिर वह परमधमग्न चले गए। जब वह 125 साल के हो गए थे उस समय भी न तो उनका एक भी बाल सफेद था और न ही उनके चेहरे पर कोई झुर्री थी।



#4. जब भगवान श्री कृष्ण 17 वर्ष के थे तभी उन्होंने बृज को छोड़ दिया था, उसके बाद केवल वह एक बार राधारानी से मिले थे। कृष्ण अपने अंतिम वर्षों को छोड़कर वह द्वारिका में 6 माह से अधिक नहीं रहे थे।


#5. क्या आप जानते है भगवान श्री कृष्ण से जेल मे बदली गई यशोदा जी की पुत्री का नाम आकांक्षा था जो आज देवी विंध्यवासिनी के नाम से पूजी जाती हैं।

माता विंध्यवासिनी

#6. भगवान श्री कृष्ण की परदादी  मारिषा व सौतेली मां रोहिणी नाग जनजाति की थीं।


#7. भगवान श्री कृष्ण ने असम में बाणासुर  से युद्ध के समय भगवान शिव से भी युद्ध किया था और भगवान शिव से युद्ध के समय भगवान शिव के विरुद्ध वैष्णव ज्वर का प्रयोग किया था जो विश्व का प्रथम जीवाणु युद्ध था।



#8. सभी लोग जानते है राधा कृष्ण के प्रेम कहानी को की कृष्ण ने सिर्फ राधा से प्रेम किया था लेकिन फिर भी महाभारत पुराणों या भागवत कहीं भी राधारानी का ज़िक्र नहीं है।



#9. क्या आप जानते है कृष्ण के गुरु ऋषि संदीपनी थे , कृष्ण ने अपने गुरु ,गुरु दक्षिणा में ऐसी चीज दी जो कभी किसी शिष्य ने नही दी होगी । कृष्ण ने संदीपनी को उनका मारा हुआ पुत्र गुरु दक्षिणा में दे दिया था। 

श्री कृष्ण

#10. क्या आप जानते है भगवान श्री कृष्ण के खड़ग का नाम नंदक और गदा का नाम कोमुदकी और उनके शंख का नाम पांचजन्य था। जो की गुलाबी रंग का था ।



क्या आज भी मौजूद है श्री कृष्ण का पुराना घर ..? 

दोस्तो आज से लगभग 5125 वर्ष पहले उत्तरप्रदेश के मथुरा में भगवान श्री कृष्ण का जन्म हुआ था। गोकुल मथुरा से लगभग 15 किलोमीटर दूर है। यमुना नदी के इस पार गोकुल है और उस पार मथुरा है।
 
गोकुल


मथुरा

गोकुल में कृष्ण ने लगभग 11 साल 1 महीने और 22 दिन गुजार
 थे। महावन और गोकुल एक ही है, फिलहाल अभी सिर्फ यह कल्पना ही की जा सकती है 8000 की आबादी वाला यह गांव उस काल में कैसा रहा होगा । कहा जाता है की उस काल में भी इसका नाम गोकुल ही था । 

क्यूंकि  कृष्ण के पालक पिता बाबा नंद जी के पास कुल 9 लाख से भी अधिक गाएं थी । 


अब इतनी सारी गायों के लिया घर बहुत ही छोटा होगा इसीलिए वह सारी गाएं एक जंगल में रहती थी । अधिक गायों के होने कारण ही इस गांव का नाम गोकुल पड़ा। गोकुल से 2 किलोमीटर की दूरी पर महावन है यहां पर 84 खंभों का मंदिर, नंदेश्वर महादेव का मंदिर मथुरानाथ, द्वारकानाथ आदि मंदिर हैं। 

द्वारकानाथ मंदिर

गोकुल में आज भी वह पेड़ मौजूद है जहां पर श्री कृष्ण बैठ कर अपनी बांसुरी बजाया करते थे। आज भी वह पालना मौजूद है जिसमे मईया यशोदा कृष्ण की झुका झुलाया करती थीं।


आखिर क्या है 84 खंभों वाले मंदिर का रहस्य, क्यों कोई नही गिन पाया उसको..


84 खंभों को मंदिर के नाम से जाना जाता है लेकिन क्या आप जानते है वहा पर किसी भी देवी या देवता की मूर्ति नहीं है और न ही यहां पर पूजा पाठ किया जाता है लेकिन फिर भी इसे मंदिर का जाता है, क्योंकि यह जगह बहुत ही अदभुत है । यहां पर आपको बहुत सारी हैरान करने वाली बातो का पता चलेगा जिसे सुनकर आप कुछ देर तक सोचने पर मजबूर हो जाएंगे।



84 खंभों के बारे में ऐसा कहा जाता है की इन खंभों को आज तक कोई गिन नही पाया जितनी बार इसे गिनने की कोशिश की गई हर बार इसकी संख्या अलग होती है । यहां पर हर एक खंभे पर एक कहानी छुपी है और खुद ब्रह्मा ने इन खंभों का निर्माण विश्वकर्मा से करवाया था।


Conclusion_ 
                              नमस्कार दोस्तों  कैसा लगा हमारा आपको यह पोस्ट। इस पोस्ट के माध्यम से मैंने श्री कृष्ण के जीवन के बारे में कुछ बातें आपको बतानी चाही हैं। आपको यह बताने की कोशिश की है  कि उस काल में  श्री कृष्ण का जीवन कैसा था, और उन्होंने क्या-क्या किया था साथ ही में कुछ ऐसी बातों के बारे में भी इस पोस्ट के माध्यम से बताया गया है जिनको आप शायद ही जानते होंगे या जानने के इच्छुक होंगे। मुझे आशा है कि हमारा यह पोस्ट आपको जरूर पसंद आया होगा अपना कीमती समय देने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद।

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